Thursday, 24 September 2015


                                                                        मुख्य मुद्दा 
                                           गावों में खुली नालियो का स्वरूप में बदलाव की जरुरत 


आज मै विनम्रता पूर्वक अपनी बात आपके माध्यम से सरकार के समक्ष रखना चाहूंगा क्युकी भारत गावों का देश है और गावों की तरक्की से ही देश की तरक्की संभव है 

भारत को आजाद हुए 68 वर्ष से भी ज्यादा हो गये है पर आज भी जब गाँव में गंदे पानी की निकासी की बात आती है तो हमेशा ही सारी responsibility पंचायत के ऊपर डाल कर सरकार अपना पल्ला झाड़ लेती है.

आज भी हमारे यहाँ के गावों में नालियां खुल्ली ही बनती है और वो भी इतनी संकुचित होती है की पूरे दिन उनमे पानी जमा ही रहता है।  जिससे की गंदगी तो फैलती ही है बल्कि बहुत सी बीमारियों के लगने का डर भी बना रहता है। 

अब इससे हमारे देश के प्रधानमंत्री के बल्कि हम सब के ' Clean India Movement' को बड़ा ही आघात पहुँचता है। तो देश के स्वछता अभियान को आगे बढ़ाना है तो गावों में भी स्वछता की तरफ ध्यान देना पड़ेगा। 
और इसके लिए हम सबको मिलकर एक ऐसी प्लान बनानी होगी जिससे की गावों में भी शिवरिंग सिस्टम की पहल हो  कहने का सीधा तत्प्र्य यही है की नालिया या तो ढक्कर रखा जाये या फिर सिटी की तरहा शिवरिंग सिस्टम हो जिससे की सारा गन्दा पानी अंडरग्राउंड नालियो से गांव से बहार चला जाये।
इसके लिए हम PPP (Public Private Partnership) का सहारा भी ले सकते ही यानी कुछ पैसा गवर्मेंट दे एंड कुछ पब्लिक खुद कलेक्ट करे या फिर इसको गोवेर्मेंट किसी एक्सपर्ट से एक अच्छी सी प्लान तैयार करवाये ताकी गांव के लोगो को भी खुली नालियो की वजह से होने वाली बीमारियो और गंदगी से राहत मिल सके। 

सच में ऐसा हो सकता है की गावों में भी पक्की नालिया नही बल्कि underground water drainage system हो। 



जे पी यादव  

Monday, 24 August 2015

“A Road Safety initiative 
Sponsored by Sarva Haryana Gramin Bank Budhpur”

एक रोड सेफ्टी इनिशिएटिव
सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक बुढ़पुर द्वारा प्रायोजित


"आज मै आपका ध्यान उस तरफ केंद्रित  करना चाहुंगा जब हम सड़क पर बिना हेलमेट के चलते है और बड़े ही फक्र से बोलते हे की कुछ ना हो या गाड्डी तो न्यू ही चालेगी"
-पहला तो हम हमारे लिए बनाये गये बल्कि हमारे कुछ भले के लिए बनाये गए क़ानून को तोड़ते है 
-दूसरा अपनी सेफ्टी को खतरे में डालते है 
-तीसरा अपने ही देश भारत के कानून की खिल्लियाँ उड़ाते है 
ये एक कड़वा सत्य है की इंडिया में हर साल लगभग एक लाख चालीस हजार मोते रोड एक्सीडेंट के कारण होती है 
मेरे दोस्तों कानून सिर्फ और सिर्फ कुछ अच्छा और कुछ सुधार के लिए बने है 
मेरे भाई हमेशा हम अपने गाँव या शहर को अच्छा बनाने की सोचते है पर खुद ही रूल्स को फोलो नही करते 

तो मेरी आज हमारे बैंक के सभी सम्माननीय ग्रहको से बल्कि सभी लोगो से अनुरोध है की  बाइक चलाते समय हेलमेट का प्रयोग जरूर करे 


                                                                                                                            जे पी यादव
 शाखा प्रबंधक  


Thursday, 26 March 2015

प्राइवेट स्कूल का भड़ता बाजार

हमें चाहिए के हम गवर्नमेंट स्कूल में भी कुछ अच्छे और कॉम्पिटिटिव फैक्टर डाले ताकि हमारे सभी स्टूडेंट्स बराबर से एक लाइन में कॉन्फिडेंस से खड़े हो सके.प्राइवेट स्कूल का भड़ता बाजार